रविवार, 22 नवंबर 2009

आज पूरी रात जागा हूँ पर मतलब से
काम किया है देख कर समझ से
शायद इसका फल जल्दी मिलेगा
सूरज  नया फिर आज ही उगेगा
तलाश मंजिल की नए आसमां पर
कल नाम हो न हो काम हो हमारा सबकी जुबां पर

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